धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद संसद में पहली बार उपस्थिति ली। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात की। उन्होंने खुद को 'सड़क का लड़ाका' बताया और अपने अनुभव के बारे में बात की (aajtak.in)।
उनके बयान में लोगों के साथ लड़ाई के बारे में जानकारी दी गई। इस बारे में उन्होंने कहा कि वे लोगों के साथ अपनी बात कहने के लिए तैयार हैं। इस बात के बारे में उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बात की।
उनकी यह उपस्थिति उनके नए राजनीतिक रुख के बारे में बहुत कुछ कहती है। इस बारे में उनके बयान बहुत ध्यान आकर्षित करते हैं। इस बारे में उनके बयान बहुत रोचक हैं।




























