तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने केएएपीए के तहत जेल में बंद भाजपा पार्षद आर. सुगथन को छह महीने की छुट्टी मंजूर कर दी। इस फैसले के बाद परिषद में विपक्ष द्वारा जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस फैसले को अवैध और अलोकतांत्रिक बताया (aajtak.in)।
छुट्टी के फैसले के बारे में विपक्ष ने तुरंत विरोध जताया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। इस घटना के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस फैसले के पीछे के कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
इस घटना ने नगर निगम के आंतरिक विवादों को और गहरा कर दिया। विपक्ष के विरोध के बावजूद इस फैसले को अंतिम रूप से मंजूर कर लिया गया। इस घटना के बारे में आगे की जांच चल रही है।





























