उपभोक्ता अपने डिजिटल लेन-देन में एक बड़ा बदलाव देख सकते हैं। 15 अक्टूबर से इंडियन यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन में नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के साथ बदलाव कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत, ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क के साथ ट्रांजैक्शन करना पड़ सकता है। इस बदलाव के बारे में फोनपी के सीईओ समीर निगम ने अपने विचार व्यक्त किए हैं।
इस नए शुल्क के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, फोनपी के सीईओ ने कहा कि इस बदलाव के कारण ग्राहकों पर कुछ असर पड़ सकता है। इस नए नियम के तहत, मासिक सीमा के अंतर्गत ₹1 लाख के भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा, ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर भी शुल्क लगाया जाएगा।
इस बदलाव के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, फोनपी के सीईओ ने कहा कि इस नए नियम के तहत अलग-अलग मर्चेंट श्रेणियों के लिए शुल्क के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस बदलाव के कारण ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च के साथ ट्रांजैक्शन करना पड़ सकता है।




