प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते उपयोग पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों और मिनरल्स का हथियार की तरह उपयोग करना ब्रिक्स देशों के साझा विकास के लिए बाधा बन सकता है। मोदी ने इस बारे में चेतावनी दी कि ऐसे साधनों का अतिसंवेदन वैश्विक संघर्ष को बढ़ावा दे सकता है।

उन्होंने अपने बयान में ब्रिक्स देशों के बीच संवाद और सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों और मिनरल्स के उपयोग को नियंत्रित करना आवश्यक है ताकि वे विकास के लिए उपयोग किए जा सकें। इस बारे में ब्रिक्स देशों के बीच एक सहमति की आवश्यकता है।

मोदी के बयान के बाद ब्रिक्स देशों के बीच एक विस्तृत चर्चा हुई। इसमें विभिन्न देशों के नेताओं ने टेक्नोलॉजी और मिनरल्स के उपयोग पर अपने विचार शेयर किए। इस चर्चा के बाद ब्रिक्स देशों के बीच एक साझा नीति के बारे में चर्चा की गई।