भारत ने BRICS के विचार को गैर-पश्चिमी मंच के रूप में परिभाषित करते हुए एक मजबूत रुख अपनाया। इस रुख का समर्थन ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे सदस्य भी कर रहे हैं। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि BRICS एक पश्चिम-विरोधी संगठन नहीं हो, बल्कि एक ऐसा मंच हो जो विकासशील देशों के लिए एक वैकल्पिक विकल्प प्रदान करे। इस बात पर भी जोर दिया गया कि BRICS के लक्ष्य विश्व आर्थिक व्यवस्था में बदलाव लाना है और विकासशील देशों की आवाज को सुनाना है। इस रुख के साथ भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साथ एक नए वैश्विक संगठन के निर्माण की ओर इशारा किया।
भारत ने BRICS के विचार को गैर-पश्चिमी मंच के रूप में परिभाषित किया

























